रोगो से मुक्ति पाए चलन ध्यान से |
WALKING
MEDITATION
डायबिटीज,
ब्लड प्रेशर, डिप्रेशन, आर्थराइटिस,
अनिंद्रा, चमड़ी के रोग, कब्ज़, मोटापा, महिलाओं के रोग, अपच, गैस, पथरी आदि में
लाभकारी।
नमस्ते!
हमारा
शरीर ईश्वर की अद्भुत रचना है। उसे स्वस्थ बनाए रखना हमारा फ़र्ज़ है।
आजकल
सुविधाएं बढ़ गई है ऐशोआराम बढ़ गए है
परिश्रम(sweating)
नहीं हो रहा।
यह
मुख्य कारन है रोग, दुःख, चिंता, असफलता
का। अधिकतर रोग मनोदैहिक (Psychosomatic)
होते है। अगर शरीर और मन का तालमेल
बिठा ले तो रोग दुःख आदि चुटकियों में दूर हो सकते है।ऐसी ही एक वॉकिंग मेडिटेशन
की रामबाण
विधि प्रस्तुत है।
★
इस से
जो लाभ होते हे वोह किसी भी योग या कसरत से नहीं होते
विधी
■शुभारंभ
करने के लिए कोई भी समय ठीक है। वैसे सूर्योदय से पेहले का समय उत्तम है।
■आरामदायक
जूते और वस्त्र पहने।
■हो
सके तो प्राकृतिक जगह को चुने।
■जब
शुरुआत करे तब गहरी साँस के साथ मुस्कुराए और परमात्मा इष्ट के दिव्य स्वरूप का
स्मरण करें।
■
मुख बंद रखकर मुस्कुराते हुए सात कदम तक साँस भरते जाए और शरीर का ध्यान करें।
■सांसो
को धीमा रखे।
■साँस
लेते हुए भाव करें की दिव्य
शक्ति शरीर में प्रवेश कर रही है।
■अब
मुख बंद रखे हुए साँस को छोड़ना शुरू करे।
■
सांसो को सात (7) कदम तक धीमे धीमे छोड़ते रहे और भाव करे की शरीर- मन के सारे रोग,
दुःख, नकारात्मक ऊर्जा दोनों पैरों से बाहर निकल रही है।
■
ॐ नमः शिवाय मंत्र पांच बीजाक्षर से बना है। जो अनुक्रम से शरीर के पृथ्वी जल
अग्नि वायु आकाश तत्व को शुद्ध करता है। इस दिव्य मंत्र को सांसो के साथ सम्मिलित
करें तो लाभ बढ़ जाएगा।
■मोबाइल
कभी भी साथ ना रखें। बातचीत ना करें। रोनी या मायूस सूरत ना रखे।
■15
मिनट से शुरू कर के 60 मिनट तक चलें।
■60
मिनट में 5 किमी का अंतर तय हो तो उत्तम।
■ घर पर आने के तुरंत बाद सवासन में लेट जाए।इस अवस्था में आँखे बंद कर के गहरी
सांसो के साथ शरीर का ध्यान 30 मिनट तक करें।
अपने
शरीर को मंदिर के समान ऊर्जावान और पवित्र बनाए रखे।*
चेतावनी
वॉकिंग
मशीन, ट्रेड मिल, वॉकर, वाइब्रेटर
वगेरा ऊर्जा (Aura)
को हानि पहुंचाते है। रोग पैदा करते
है। इसका उपयोग ना करेंकल्याण हो।
धर्म
की जय हो।अधर्म का नाश हो।
-स्वामी
मिलन योग गुरु, हीलिंग मास्टर
ANANDAM yog science foundationJUNAGADH
Gujarat
इस विधि से 100% परिणाम मिले है।
जनहित में आगे फॉरवर्ड करें। Please share maximum.

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